पेरेंटिंग: घर में तुलसी का पौधा लगाना शुभ माना जाता है और हर घर में इसकी पूजा भी की जाती है। इतना ही नहीं, तुलसी को बहुत से स्वास्थ्य लाभ के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है जैसे, सर्दी-जुकाम, बुखार, गला खराब। प्राचीन ग्रंथों के मुताबिक तुलसी गर्भवती महिला और उसके होने वाले शिशु के लिए भी गुणकारी मानी जाती है क्योंकि इससे किसी को कोई भी प्रकार का साइड-इफैक्ट नहीं होता। तुलसी में विटामिन, पोषक तत्‍व, खनिज भरपूर मात्रा में होते है। तुसली की पत्तियां शरीर में मौजूद कीटाणुओं को मारने में सक्षम होती है। 

 

गर्भवती मां और शिशु के लिए तुलसी है गुणकारी

1.प्रैग्नेंसी के दौरान तुलसी का सेवन करने से होने वाले शिशु को काफी फायदा मिलता है। तुलसी का सेवन करके प्रैग्नेंसी के समय कई तरह की दिक्कतों से बचा जा सकता है। 

2. तुलसी में मौजूद विटामिन ए शिशु के विकास के लिए काफी उपयोगी है। यह शिशु के तंत्रिका तंत्र के समुचित विकास में मदद करती है।

3. इसमें भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम होता है जो गर्भ में पल रहे बच्चों की हड्डियों का गठन करने के लिए फायदेमंद साबित होती है। 

4. प्रैंग्नेंसी के दौरान तनाव की समस्या आम सुनने के मिलती है। अगर प्रैग्नेंगट औरत रोजाना तुलसी का सेवन करे तो तनाव की समस्या से दूर रहा जा सकता है। 
 
5. तुलसी में विटामिन के होता है जो रक्‍त को जमाने में सहायक होता है। गर्भवती महिला को रोजाना तुलसी के दो पत्तों का सेवन करना चाहिए। इससे गर्भवती महिला के शरीर में खून की कमी नहीं होगी। साथ ही खून साफ रहेगा। 
 
6. खून की कमी होने पर रोजाना तुलसी के पत्तों का सेवन करना चाहिए। इसमें ऐसे तत्‍व होते हैं जो हीमोग्‍लोबिन को बूस्‍ट कर देते है और लाल रक्‍त कोशिकाओं को बढ़ाते है।