उज्जैन के महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने फैसला किया है कि आने वाले समय में वह महाकालेश्वर भगवान की भस्म आरती में आधार कार्ड के जरिए ही भक्तों को प्रवेश देगी. मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर देश के 12 ज्योतिलिंगों में से एक है.

इस आशय के आदेश महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के प्रभारी प्रशासक व डिप्टी कलेक्टर अवधेश शर्मा ने जारी किया हैं. फिलहाल इसे अनिवार्य नहीं किया गया है.

शर्मा ने बताया, ‘‘जिला कलेक्टर एवं महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष के निर्देशानुसार हमने भस्म आरती बुकिंग काउंटरों पर पदस्थ समस्त कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे भस्म आरती में बुकिंग के समय दर्शनार्थियों से पहचान पत्र के रूप में उनके आधार कार्ड की प्रतिलिपि लेने के बाद ही बुकिंग करें.’’ उन्होंने कहा कि यह निर्णय कुछ दिन पहले ही में लिया है.

शर्मा ने बताया, ‘‘वर्तमान में अन्य दस्तावेजों के जरिए भी भस्म आरती की बुकिंग की जा रही है, लेकिन आने वाले दिनों में इसकी बुकिंग के लिए आधार अनिवार्य हो जाएगा.’’

भगवान महाकालेश्वर की प्रतिदिन तड़के 4 बजे होने वाली भस्म आरती दो घंटे तक चलती है. इसके शुरू होने से ठीक पहले मंदिर के कपाट खुलते हैं.

उन्होंने कहा कि महाकाल मंदिर के गर्भगृह की क्षमता को देखते हुए भस्म आरती में एक दिन में 1500 भक्तों को ही प्रवेश दिया जा सकता है.