आयकर विभाग की मध्य प्रदेश के कटनी शहर में एक्सिस बैंक पर की गई सर्वे की कार्रवाई में 5 अरब रुपए के हवाला रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है. कई राज्यों तक फैले हवाला रैकेट में ग्वालियर, इंदौर भोपाल सहित मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के 300 कारोबारी भी शामिल हैं.

जानकारी के अनुसार, रैकेट में शामिल कारोबारी एक-दूसरे से माल खरीदी में हवाला के जरिए पैसे का लेन-देन करते थे.

दरअसल, हवाला के इस काले कारोबार का मामला छह महीने पहले उस वक्त सामने आया था, जब आयकर विभाग की जबलपुर टीम ने जबलपुर के अलावा कटनी और सतना में छापे की कार्रवाई की थी.

इस दौरान विभिन्न बैंकों के सौ से ज्यादा फर्जी नाम से खोले गए खातों से करोड़ों की राशि ट्रांसफर किए जाने का खुलासा हुआ था. इसमें कटनी के एक्सिस बैंक शाखा के एक दर्जन फर्जी खाते शामिल थें.

आयकर विभाग के अफसर मामले को लोकल मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़कर एक्सिस बैंक के मैनेजर की संदिग्ध भूमिका की जांच कर रहे हैं.

आयकर इन्वेस्टीगेशन विंग के प्रधान निदेशक आर.के.पालीवाल ने कहा कि लोकल मनी लॉन्ड्रिंग के आपराधिक मामले में असली कारोबारी दूसरे नामों से इस काले धंधे को अंजाम दे रहे थे. पालीवाल के मुताबिक आयकर विभाग के पास गिरफ्तारी का अधिकार नहीं है इसलिए अभियोजन की कार्रवाई की जाती है.

नोटबंदी के बाद आयकर विभाग की टीम पिछले चार दिनों से कटनी के इस एक्सिस बैंक पर सर्वे की कार्रवाई में खातों में जमा रकम की पड़ताल कर रही है. इस जांच में भी गड़बड़ी मिलने की आशंका जताई जा रही है.