छत्तीसगढ़ के मुंगेली में महिला कॉन्सटेबल की शिकायत पर आईजी के खिलाफ की गई जांच में उन्हें क्लिन चिट मिलने की खबर को पीड़िता ने गलत बताया है. इस बात का खुलासा पीड़िता ने खुद सामने आकर किया. पीड़िता की ओर से उसकी वकील ने यह जानकारी दी.

जानकारी के मुताबिक जून 2016 को मुंगेली में पदस्थ महिला कांस्टेबल ने बिलासपुर रेंज के आईजी पवन देव के खिलाफ चकरभाटा थाने में अश्लील बातें और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई गई थी.

पीड़िता के अधिवक्ता के अनुसार इस मामले में शासन ने एक जांच कमेटी का गठन किया था. जांच कमेटी ने रिपोर्ट शासन को सौंप दी है. अधिवक्ता के मुताबिक कुछ दिन पूर्व आईजी पवन देव के मामले में उन्हें क्लीन चिट मिलने की खबर सामने आई थी.

अधिवक्ता निरुपमा बाजपेई ने बताया कि अखबारों में आईजी पवन देव को जांच कमेटी के द्वारा क्लीन चिट देने का मामला पूरा गलत है क्योंकि जांच रिपोर्ट को उन्होंने और पीड़िता ने पूरा पढ़ा है.

रिपोर्ट में लिखा है कि जो साक्ष्य पीड़िता कांस्टेबल के द्वारा प्रस्तुत किए गए थे. वह पूरी तरह सत्य हैं और जांच कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है. अब शासन के ऊपर है कि आई जी पवन देव के खिलाफ कब और कैसे कार्रवाई करता है.