मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में फर्जी दस्तावेजों के जरिए खनिज परिवहन के कारोबार का खुलासा हुआ है. फर्जी दस्तावेजों को तैयार करने में उड़नशील स्याही का प्रयोग किया गया.

वन विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, चैकिंग के दौरान फर्शी-पत्थरों के परिवहन में लगे ऐसा ट्रक पकड़ा, जिसका ट्रांजिट पास (अभिवहन पास) उड़ने वाली स्याही से बनाया गया था.

दरअसल, मुख्य वन संरक्षक विश्राम सागर शर्मा और वन मंडलाधिकारी अनुपम सहाय ने मोहंद्रा और पवई वन क्षेत्र के भ्रमण के दौरान कुटरहिया-हडा मार्ग पर पत्थर फर्शी से भरा ट्रक रोका.

दोनों अफसरों ने हड़ा बैरियर पर तैनात वनकर्मियों को ट्रक का अभिवहन पास (टीपी) और अन्य कागजात की जांच करने के निर्देश दिए. जांच में टीपी संदिग्ध पाया गया.

वनकर्मी ने जैसे ही माचिस जलाकर टीपी को आग दिखाई, जिससे उसमें उड़नशील स्याही से लिखे सारे अक्षर गायब हो गए. वन विभाग ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

सूत्रों के अनुसार, एक टीपी पर बार-बार उड़ने वाली स्याही का उपयोग कर फर्जी टीपी तैयार कर शासन को खनिज राजस्व का नुकसान पहुंचाने का खनिज कारोबारियों द्वारा खेल खेला जा रहा है.