न्यूयार्क। सर आइजैक न्यूटन के मशहूर गति के तीन नियमों की व्याख्या समेत उनके मौलिक काम को खुद में समाहित करने वाली एक पुस्तक को 37 लाख डॉलर की बड़ी राशि में बेचा गया है। इसके साथ ही यह किसी नीलामी में बेची गई अब तक की सबसे महंगी मुद्रित वैज्ञानिक किताब बन गई है।

‘प्रिंसिपिया मैथेमेटिका’ नामक यह किताब वर्ष 1687 में लिखी गई थी। मशहूर भौतिकविद अल्बर्ट आइंस्टीन ने इसे संभवत: ऐसी सबसे बड़ी बौद्धिक छलांग करार दिया था, जिसे भरने का मौका शायद ही किसी व्यक्ति को मिला हो। इस किताब की बिक्री का काम देखने वाले नीलामीघर क्रिस्टीज़ ने उम्मीद की थी कि बकरी की खाल के कवर वाली इस किताब के 10 से 15 लाख डॉलर मिल जाएंगे।

बोली लगाने वाले एक अनाम व्यक्ति ने इसे लगभग 3,719,500 डॉलर (करीब 25 करोड़ रुपए) में खरीद लिया। ‘लाइव साइंस’ की खबर के अनुसार, प्रिंसिपिया मैथेमेटिका में न्यूटन के गति के तीन नियमों की व्याख्या की गई है। इसमें बताया गया है कि किस तरह से चीजें बाहरी बलों के प्रभाव में गति करती हैं। भौतिकी के छात्र आज भी इन नियमों का इस्तेमाल करते हैं।

क्रिस्टीज़ के अनुसार, लाल रंग की इस किताब की लंबाई नौ इंच और चौड़ाई सात इंच है। इसमें 252 पत्तियां (पृष्ठ) हैं। इनमें कई पन्नों पर लकड़ी के चित्र भी हैं। किताब में एक मुड़ सकने वाली प्लेट भी है। न्यूटन के सिद्धांतों की एक ही अन्य मौलिक प्रति पिछले 47 साल में बेची गई है। उस प्रति को किंग जेम्स द्वितीय (1633-1701) को उपहार स्वरूप दिया गया था। उसे दिसंबर 2013 में क्रिस्टीज़ न्यूयार्क में 25 लाख डॉलर में खरीदा गया था।