आज 3 नवम्बर को श्री सिद्धि विनायक चतुर्थी व्रत है। इस दिन गणेश जी के खास पूजन से जीवन की हर मुश्किल का हल पाया जा सकता है। हर महीने आने वाली यह तिथि गणेश जी की प्रिय तिथियों में से एक है, विघ्नहर्ता स्वयं आपके हर काम की बाधा दूर करेंगे।


गणेश जी की प्रतिष्ठित प्रतिमा पर यह पूजा सम्पन्न करें। इसके लिए मिट्टी या बालू से गणपति प्रतिमा बनाएं, चाहें तो सोने-चांदी से बने गणपति के सिक्के भी खरीद सकते हैं लेकिन गणपति प्रतिमा को खरीदते समय प्रतिमा का मोल-भाव न करें। 


गणपति को घर लाकर आसन पर विराजित करें। अक्षत और फूल लेकर गणपति से अपनी मनोकामना कहें, उसके बाद ओम ‘गं गणपतये नम:’ मंत्र बोलते हुए गणेश जी को प्रणाम करें। फिर गणपति के शीर्ष पर सिंदूर अर्पण करें। इक्कीस दूर्वा लेकर नीचे दिए गए 10 नामों द्वारा गणेश जी को गंध, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप व नैवेद्य अर्पण करके एक-एक नाम पर दो-दो दूर्वा चढ़ाना चाहिए। गणपति को मोदक का भोग लगाएं और उन्हें 21 दूर्वा दल उनके 10 नाम बोलते हुए समर्पित करें।

गणपति के 10 नाम-
ॐ गणाधिपाय नम: 
ॐ उमापुत्राय नम: 
ॐ विघ्ननाशनाय नम :
ॐ विनायकाय नम:
ॐ ईशपुत्राय नम: 
ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नम:
ॐ एकदंताय नम:
ॐ  इभवक्ताय नम:
ॐ मूषकवाहनाय नम:
ॐ कुमारगुरवे नम:

 

हर नाम के साथ 2 दूर्वा और  बाकी 1 दूर्वा उनके 10 नाम एक साथ बोल कर चढ़ाएं। गणपति को 21 लड्डुओं का भोग लगाएं। भोग लगाते समय 5 मोदक गणपति के पास रखें। 5 मोदक किसी ब्राह्मण को ये मंत्र बोलते हुए दान दें-

दानेनानेन देवेश प्रीतो भव गणेश्वर।
सर्वत्र सर्वदा देव र्निविघ्नं कुरु सर्वदा।
मानोन्नङ्क्षत च राज्यं च
पुत्रपौत्रान्प्रदेहि में।।


इसके बाद बाकी बचे 11 मोदक प्रसाद के रूप में बांट लें। बाद में ब्राह्मण को भोजन कराएं।  इस तरह गणपति के 10 नाम के साथ 21 दूर्वादल चढ़ाने से बप्पा बहुत प्रसन्न होते हैं। अगर आप इस बार किसी नौकरी के लिए आवेदन करने जा रहे हैं या फिर किसी प्रतियोगिता परीक्षा में बैठने जा रहे हैं तो शत-प्रतिशत कामयाबी के लिए इस उपाय को जरूर आजमाएं। कर्म के साथ पूजा-पाठ करने से विघ्न बाधाओं का नाश होता है।