देहरादून में जल्द ही सैलानियों के लिए मालसी डियर पार्क का बदला हुआ रूप बड़ा आकर्षण होगा. जी हां डियर पार्क को अब चिड़ियाघर बनाया जा रहा है. जिसमें पक्षियों का खूबसूरत संसार बसना भी शुरू हो गया है, खास तौर पर विदेशी पक्षी भी अब डियर पार्क में चहकते हुए नजर आने लगे हैं.

दरअसल, मालसी डियर पार्क राज्य का पहले चिड़ियाघर के तौर पर तैयार किया जा रहा है. जिसमें एक ओर चिड़ियाघर के लिए जरूरी निर्माण किए जा रहे हैं, वहीं पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां यहां नजर आने लगी हैं. हाल ही में यहां अफ्रिकन सिल्वर फीजेंट, गोल्डन फीजेंट और वाइजर जैसे पक्षी लाए गए हैं. जो यहां पहुंचने वाले लोगों के लिए काफी लुभा रहे हैं. इन खुबसूरत पक्षियों के साथ ही भारतीय पक्षियों की कई प्रजातियां भी पक्षी बाड़ों में रखी गई हैं.

इन पक्षियों के कई जोड़े देश के दूसरे चिड़ियाघरों से यहां लाए गए हैं. जिन्हें समय समय पर विशेषज्ञों की देखरेख की जरूरत भी पड़ती है. अभी नए पक्षी बाड़े बनाने का काम जारी है, भविष्य में यहां पक्षियों का एक बड़ा संसार नजर आएगा.

जिसमें देश और विदेश के पक्षियों की सौ से अधिक प्रजातियां नजर आएंगी. इसके अलावा यहां तेंदुआ, हिरन और अन्य जीव जंतुओं की तादाद भी बढ़ाई जाएगी. वहीं दुनिया की कई प्रजाति के सांप और रेप्टाईल्स भी इस चिड़याघर में नजर आएंगे. सुरक्षा के इंतजाम और चिड़ियाघर के ढांचागत कार्य पूरे होने पर देश के दूसरे चिड़ियाघरों से टाइगर, भालू, घड़ियाल आदि दूसरे चरण में लाए जाएंगे. डियर पार्क के वन क्षेत्राधिकारी एमएम बैजवान बताते हैं कि सभी पक्षी बाड़े जल्द ही बनकर तैयार हो जाएंगे, जबकि सफारी समेत चिड़ियाघर के लिए बुनियादी काम तेज गति से चल रहे हैं और एक साल में यह बनकर तैयार हो जाएगा.

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

मालसी डियर पार्क के स्वरूप में हो रहे बदलाव से यहां पहुंचने वाले लोगों की तादाद भी बढ़ने लगी है. वहीं लोगों में वन्य जीवों को लेकर उत्सुकता भी बढ़ रही है. कहा जा सकता है कि मसूरी और देहरादून के बीच यह चिड़ियाघर भविष्य में पर्यटन, रोजगार और पर्यावरण जागरुकता के लिहाज से काफी संभावनाएं समेटे हुए होगा