उत्तरी कश्मीर में हिमस्खन और भारी बर्फबारी ने पिछले 48 घंटों में जमकर तबाही मचाई है। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा के मचैल सेक्टर में रिंगबाला इलाके में बर्फीला तूफान आया। 45 राष्ट्रीय रायफल के पांच जवान इस तूफान की चपेट में आ गए। जानकारी मिलते ही सेना ने बचाव कार्य शुरू किया। जब तक जवानों की टुकड़ी बर्फ में दबे सैनिकों तक पहुंचती तब तक तीन जवान शहीद हो चुके थे। दो लापता जवानों की तलाश अभी जारी है।वहीं कड़ाके की सर्दी से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर में सोमवार को हुई बारिश और बर्फबारी ने लोगों की दुश्वारियां और बढ़ा दी। इस दौरान बारामुला, बांदीपोरा और गांदबरबल में हिमस्खलन में कई मकान दब गए हैं, जबकि भूस्खलन की चपेट में आकर रामबन में एक युवक की मौत हो गई। रियासी के खरोड़ी करूर इलाके में भूस्खलन की चपेट से एक वैन नदीं में गिर गई। इसमें चालक की मौत हो गई, जबकि तीन को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं भूस्खलन के चलते प्रदेश में सौ से अधिक संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं।

रामबन से मिली जानकारी के मुताबिक जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार दोपहर खूनी नाला इलाके में गिरे पत्थरों की चपेट में आकर युवक नाले में गिर गया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से नाले से शव निकाला। मृतक की पहचान मौलाना खलील अहमद सोहिल निवासी सरबदनी रामसू के तौर पर हुई है।

बनिहाल में फंसे 160 सैलानियों को सुरक्षित निकाला

उधर, रियासी के माहौर से अरनास की तरफ जा रही एक वैन खरोड़ी करुड इलाके के पास पहाड़ से गिरे पत्थर की चपेट में आने से बेकाबू होकर नीचे बह रही अंश नदी में जा गिरी। हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो अन्य सवार वाहन से छिटकर नीचे जा गिरे, जिससे उनकी जान बच गई। घायलों को इलाज के लिए पीएचसी धरमाड़ी लाया गया।

मृत चालक की पहचान शौकत हुसैन (26) पुत्र गुलाम दीन निवासी कुंड माहौर जिला रियासी के रूप में हुई है। घायलों की पहचान मोहम्मद जफर (25) पुत्र सराज दीन व मोहम्मद अशरफ (28) पुत्र मोहम्मद इजराइल दोनों निवासी कुंड माहौर जिला रियासी के रूप में हुई है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बनिहाल इलाके में रविवार से फंसे गुजरात के 160 सैलानियों को सुरक्षित निकाल लिया। उन्हें काजीगुंड से विशेष ट्रेन से बनिहाल लाया गया। सैलानी मोम पस्सी में भूस्खलन के बाद रास्ता बंद होने से फंस गए थे।