मुंबई । भारत की चीनी मिलों का उत्पादन विपणन वर्ष 2020-21 के पहले पांच महीने में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 20 प्रतिशत बढ़कर 233.8 लाख टन हो गया है। साथ ही उद्योग संगठन ने कहा कि कुछ चीनी मिलों ने निर्धारित समय से पहले गन्ने की पेराई बंद कर दी है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश है और ज्यादा उत्पादन की वजह से चीनी के वैश्विक दाम पर असर पड़ सकता है। इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (आईएसएमए) ने कहा कि एक अक्टूबर से चल रहे मौजूदा विपणन वर्ष में 502 चीनी मिलों ने पेराई शुरू की थी, लेकिन फरवरी के अंत तक 98 मिलों ने पेराई बंद कर दी है। पिछले साल फरवरी के आ‎खिर अंत तक करीब 70 मिलों ने पेराई बंद की थी। आईएसएमए देश के सबसे बड़े चीनी उत्पादक राज्य ने सीजन के पहले 5 महीने में 85 लाख टन चीनी उत्पादन किया है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 50.7 लाख टन उत्पादन हुआ था। चालू विपणन वर्ष में अब तक मिलों ने 32 लाख टन चीनी निर्यात के लिए समझौता किया है, लेकिन ट्रकों व कंटेनरों की कमी के कारण शिपमेंट सुस्त है। उद्योग के अधिकारियों ने पिछले सप्ताह कहा था कि लॉजिस्टिक बाधाओं के कारण चीनी निर्यात 12 प्रतिशत कम रह सकता है।