इन्दौर । विमानतल मार्ग स्थित श्री श्रीविद्याधाम का रजत जयंती प्रकाशोत्सव माघ माह की गुप्त नवरात्र के उपलक्ष में 25 जनवरी से 3 फरवरी तक धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दौरान भागवत ज्ञानयज्ञ, मां पराम्बा के नौकाविहार, शोभायात्रा, आध्यात्मिक कवि सम्मेलन, भव्य पुष्पबंगले एवं मां के दिव्य दर्शन सहित विभिन्न आयोजन होंगे। इनमें देश के जाने-माने संत-विद्वान सान्निध्य प्रदान करेंगे।  
आश्रम के संस्थापक ब्रम्हलीन स्वामी गिरिजानंद सरस्वती ‘भगवन’ की प्रेरणा एवं महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के सान्निध्य में हो रहे इस प्रकाशोत्सव में प्रतिदिन ललिताम्बा महायज्ञ, दुर्गा सप्तशती पाठ, षोडशोपचार पूजन-अभिषेक सहित अन्य अनुष्ठान भी होंगे। रजत जयंती महोत्सव का शुभारंभ अयोध्या के अशर्फी भवन के जगदगुरू रामानुजाचार्य स्वामी श्रीधराचार्य महाराज के श्रीमुख से भागवत ज्ञानयज्ञ के साथ होगा। ज्ञानयज्ञ 25 जनवरी से 31 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 2.30 बजे से होगा। शनिवार 25 जनवरी को श्रीमद भागवत की शोभायात्रा दोपहर 12 बजे अखंडधाम आश्रम से प्रारंभ होकर श्री श्रीविद्याधाम आएगी। रविवार 26 जनवरी को शुकदेव एवं धु्रव चरित्र, 27 को प्रहलाद चरित्र, नृसिंह एवं वामन अवतार, 28 को राम जन्म एवं कृष्ण जन्मोत्सव, 29 को नंदोत्सव एवं गोवर्धन पूजा, 30 को रास लीला, गोपी गीत एवं रूक्मणी विवाह तथा शुक्रवार 31 जनवरी को सुदामा चरित्र एवं परिक्षित मोक्ष प्रसंगों की कथा के साथ विराम होगा।
उधर, प्रकाशोत्सव में सोमवार 27 जनवरी को रात्रि 8.30 बजे से राष्ट्रकवि पं. सत्यनारायण सत्तन के संयोजन में आध्यात्मिक राष्ट्रीय कवि सम्मेलन, मंगलवार 28 जनवरी को रात्रि 8.30 बजे से पं. सुधीर व्यास एवं साथियों द्वारा सुंदर कांड पाठ का पारायण, बंसत पंचमी 29 जनवरी को सांय 6 बजे से रंगोली, पुष्पसज्जा एवं दीपोत्सव के बाद रात्रि 8.30 बजे से दीपिकासिंह एवं साथियों द्वारा कत्थक नृत्य से देव्याराधन, गुरूवार 30 जनवरी को रात 8.30 बजे से गुरू महिमा पर आधारित द्वारका मंत्री की भजन संध्या, नर्मदा जयंती एक फरवरी को सांय 6 बजे से मां भगवती का नर्मदा के जल में नौकाविहार, दुर्गा अष्टमी 2 फरवरी को अपरान्ह 4.30 बजे से श्री श्रीविद्याधाम परिसर से भव्य शोभायात्रा तथा सांय 6 बजे छप्पन भोग श्रृंगार दर्शन के आयोजन होंगे। सोमवार 3 फरवरी को सांय 6 बजे से भव्य पुष्प बंगला श्रृंगारित कर मां के दिव्य दर्शन होंगे। इस दौरान देश के जाने-माने संत-विद्वान भी इस प्रकाशोत्सव में सान्निध्य प्रदान करेंगे। इनमें नई दिल्ली, हरिद्वार के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी पुण्यानंद गिरी महाराज, हरिद्वार-अहमदाबाद के निर्वाण पीठाधीश्वर स्वामी विशोकानंद भारती, अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के आचार्य जगदगुरू स्वामी रामदयाल महाराज, महामंडलेश्वर मां कनकेश्वरी देवी, हरिद्वार से महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती, सूरत से माधव पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी जगदीशानंद सागर, माउंट आबू से वीतरागी संत स्वामी स्वयंप्रकाश गिरी महाराज, चार धाम मंदिर उज्जैन के महामंडलेश्वर स्वामी शांतिस्वरूपानंद गिरी, अखंडधाम इन्दौर के महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी चेतन स्वरूप, वृंदावन के अखंडानंद आश्रम के स्वामी प्रणवानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर स्वामी रामगोपालदास महाराज सहित देश के प्रमुख संत-विद्वान शामिल हैं।
महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती द्वारा महोत्सव के लिए गठित समिति के समन्वयक पूनमचंद अग्रवाल, पं. दिनेश शर्मा, गोपाल मालू, राम ऐरन, सत्यनारायण शर्मा, राजेंद्र महाजन, यदुनंदन माहेश्वरी, डॉ. संजय पंडित एवं आचार्य पं. राजेश शर्मा ने बताया कि प्रकाशोत्सव में प्रतिदिन सुबह 6 बजे वैदिक संध्या एवं वेदपाठ, सांय 7.30 बजे षोडशोपचार पूजन एवं अभिषेक तथा 8.45 बजे श्रृंगार आरती तथा 9 बजे से सग्रहमख श्र श्रीविद्या ललितांबा महायज्ञ का अनुष्ठान होगा। इसके साथ ही प्रतिदिन सुबह 10 बजे से श्री दुर्गा सप्तशती पाठ एवं सांय 7.30 बजे महाआरती और रात्रि 8.30 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। आश्रम पर 51 दिवसीय कोट्यार्चन आराधना का दिव्य अनुष्ठान भी भक्तों के उत्साह के साथ जारी है। इसकी पूर्णाहुति भी 3 फरवरी को होगी।