हिंदू धर्म में पूजा पाठ का विशेष महत्व होता हैं, वही चतुर्थी तिथि के देवता के रूप में भगवान श्री गणेश सर्वत्र पूजे जाते हैं। इसलिए हर महीने की दोनों चतुर्थी श्री गणेश पूजन के लिए उत्तम मानी जाती हैं माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी माघी चौथ या तिलकुटा चौथ कहलाती हैं

 
श्री गणेश की कृपा पाने के लिए वैसे तो इस व्रत को कोई भी कर सकता हैं, मगर इस व्रत को अधिकतर महिलाएं ही करती हैं। इस व्रत को परिवार की सुख समृद्धि के लिए रखा जाता हैं
 
नारद पुराण के मुताबिक इस दिन भगवान गणेश की पूजा से सुख सौभाग्य में वृद्धि होती हैं और घर परिवार पर आ रही परेशानियों से भी मनुष्य को मुक्ति मिल जाती हैं रुके हुए मांगलिक कार्य संपन्न होते हैं। वही इस चतुर्थी में चन्द्रमा के दर्शन करने से भगवान गणेश के दर्शन जितना पुण्य फल प्राप्त होता हैं।
 
जानिए सकट चतुर्थी पूजन विधि—
आपको बता दें कि इस तिथि में भगवान श्री गणेश की पूजा भालचंद्र नाम से भी की जाती हैं। इस दिन उपवास का संकल्प लेकर व्रती महिलाओं से चंद्रोदय काल तक नियमपूर्व व्रत रखना चाहिए।

 
वही शाम के समय एक लकड़ी के पाटे पर लाल वस्त्र को बिछाकर मिट्टी के श्री गणेश और चौथ माता की तस्वीर को स्थापित करना चाहिए। वही रोली, मोली, अक्षत, फल, पुष्प आदि श्रद्धा पूर्वक अर्पित करना चाहिए। वही घर परिवार की सुख शांति और समृद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना करनी चाहिए।