नई दिल्ली । उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आज दिल्ली के निर्माण मजदूरों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आज से निर्माण मजदूरों को पंजीयन और नवीकरण के लिए किसी सरकारी आफिस के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं। अब 1076 पर फोन करके दिल्ली सरकार की डोरस्टेप सर्विस के जरिए घरबैठे उनका सारा काम हो जाएगा। श्री सिसोदिया ने इसे दिल्ली में सुशासन का अनोखा प्रयोग बताते हुए कहा कि निर्माण मजदूरों को सभी योजनाओं का लाभ देना हमारी प्राथमिकता है।
आज दिल्ली सचिवालय में संवाददाता सम्मेलन में श्री सिसोदिया ने कहा कि कंस्ट्रक्शन कंपनियों से निर्माण श्रमिक कल्याण सेस मिलता है। निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के माध्यम से इस राशि का उपयोग निर्माण श्रमिकों की भलाई के लिए होता है। इसके लिए बोर्ड में इन् श्रमिकों का पंजीयन जरूरी है। श्री सिसोदिया ने कहा कि पिछले दिनों जिला श्रम कार्यालयों के दौरे में मजदूरों को लाइनों में परेशान देखने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है। 
श्री सिसोदिया ने कहा कि पंजीयन और नवीकरण की प्रक्रिया में जटिलता के कारण बिचौलियों द्वारा मजदूरों का फाॅर्म भरने के नाम पर एक से दो हजार रूपयों तक की अवैध वसूली की जाती थी। निर्माण मजदूरों को कई दिनों तक लेबर आफिस जाकर घंटों लाइन में लगना पड़ता था। इससे उनकी दैनिक मजदूरी का भी नुकसान होता था। आवेदन के बाद वेरिफिकेशन के लिए भी लेबर आफिस जाना पड़ता था। इसके कारण उन्हें अपने काम से छुट्टी लेनी पड़ती थी। निर्माण मजदूरों को इस परेशानी से राहत दिलाने के लिए दिल्ली सरकार ने आज से डोरस्टेप डिलेवरी के जरिए इन मजदूरों के पंजीयन और नवीकरण की सुविधा प्रारंभ कर दी है।
श्री सिसोदिया ने कहा कि अब निर्माण मजदूरों को सिर्फ 1076 नंबर पर फोन करना होगा। दिल्ली सरकार की डोरस्टेप डिलेवरी टीम का सदस्य उस मजदूर के घर आकर उससे दस्तावेज लेकर फार्म भर देगा। साथ ही उन दस्तावेजों और मजदूर की फोटो को ऑनलाइन अपलोड कर देगा। आवेदन को ऑनलाइन स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण मजदूर अपना प्रमाणपत्र इंटरनेट से डाउनलोड कर सकता है। अन्यथा चार पांच दिन में उसके घर भेज दिया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कानून के तहत कंस्ट्रक्शन लेबर की परिभाषा काफी व्यापक है। इसके तहत बेलदार, कुली, लेबर, राजमिस्त्री, मिस्त्री,  मसाला बनाने वाले मजदूर, कंक्रीट मिक्सर, टाइल्स एवं स्टोन फीटर, चूना पोताई सफेदी वाले, पेंटर, पीओपी मजदूर भी आते हैं। श्री सिसोदिया ने बताया कि निर्माण स्थल पर कार्यरत चौकीदार, पलंबर, कारपेंटर, बढ़ई, बिजली मिस्त्री, फीटर, लोहार, माली, शटरिंग मिस्त्री एवं लेबर, पंप आपरेटर, बार बाइंडर, क्रेन आपरेटर इत्यादि को भी कंस्ट्रक्शन लेबर की श्रेणी में रखा गया है। इसलिए यह भ्रम खत्म करना जरूरी है कि कंस्ट्रक्शन लेबर सिर्फ वह नहीं है जो माथे पर ईंटें उठाकर चलता है। श्री सिसोदिया ने मीडिया से अनुरोध किया कि इन श्रेणियों के बारे में व्यापक जागरूकता फैलाने में सहयोग करें ताकि इन सभी प्रकार के निर्माण मजदूरों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके।
श्री सिसोदिया ने इन मजदूरों को मिलने वाली सुविधाओं का ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों को अपनी या बेटे बेटी की शादी के लिए 35000 से 51000 तक की राशि मिलती है। साथ ही, स्वास्थ्य के लिए 2000 से दस हजार तक और मातृत्व लाभ के तौर पर 30000 की राशि और साठ साल के बाद मासिक तीन हजार रूपये पेंशन का प्रावधान है। दुर्घटना में मृत्यु होने पर दो लाख रूपये, सामान्य मृत्यु होने पर एक लाख रूपये तथा अंतिम संस्कार के लिए दस हजार रूपये तथा विकलांगता की स्थिति में एक लाख रूपये सहायता का प्रावधान है। साथ ही, श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए 500 से दस हजार रूपये तक मासिक छात्रवृति भी दी जाती है।
श्री सिसोदिया ने कहा कि सरकार इन सभी श्रेणियों के श्रमिकों को सभी योजनाओं का लाभ देना चाहती है। लेकिन अब तक मात्र एक लाख ग्यारह हजार श्रमिकों का ही पंजीयन हुआ है जबकि दिल्ली में लगभग दस लाख कंस्ट्रक्शन लेबर होने का अनुमान है। श्री सिसोदिया ने कहा कि सभी श्रमिकों के पंजीयन और नियमित नवीकरण के जरिए सबको योजनाओं का लाभ देने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।
कौन-कौन आता है निर्माण मजदूर की श्रेणी में
बेलदार, कुली, लेबर, राजमिस्त्री, मिस्त्री,  मसाला बनाने वाले मजदूर, कंक्रीट मिक्सर, टाइल्स एवं स्टोन फीटर, चूना पोताई सफेदी वाले, पेंटर, पीओपी मजदूर, निर्माण स्थल पर कार्यरत चौकीदार, पलंबर, कारपेंटर, बढ़ई, बिजली मिस्त्री, फीटर, लोहार, माली, शटरिंग मिस्त्री एवं लेबर, पंप आपरेटर, बार बाइंडर, क्रेन आपरेटर इत्यादि।
क्या सुविधाएं मिलती हैं
-अपनी या बेटे-बेटी की शादी के लिए 35000 से 51000 रुपए
-स्वास्थ्य के लिए 2000 से दस हजार तक
-मातृत्व लाभ के तौर पर 30000 की राशि
-साठ साल के बाद मासिक तीन हजार रूपये पेंशन
-दुर्घटना में मृत्यु होने पर दो लाख रूपये, सामान्य मृत्यु होने पर एक लाख रूपये तथा अंतिम संस्कार के लिए दस हजार रूपये
-विकलांगता की स्थिति में एक लाख रूपये
-श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए 500 से दस हजार रूपये तक मासिक छात्रवृति 
कैसे होगा रजिस्ट्रेशन
-1076 नंबर पर फोन करना होगा।
-दिल्ली सरकार की डोरस्टेप डिलेवरी टीम का सदस्य उस निर्माण मजदूर के घर आकर उससे दस्तावेज लेकर फार्म भर देगा। साथ ही उन दस्तावेजों और मजदूर की फोटो को ऑनलाइन अपलोड कर देगा।
-आवेदन को ऑनलाइन स्वीकृति मिल जाएगी।
-निर्माण मजदूर अपना प्रमाणपत्र इंटरनेट से डाउनलोड कर सकता है। अन्यथा चार पांच दिन में उसके घर भेज दिया जाएगा।