मास्को । फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद के कार्टून को लेकर हुए विवाद में  टीचर की इस्‍लामिक कट्टरपंथियों द्वारा गला काटकर हत्‍या के बाद पुलिस ने जोरदार कार्रवाई शुरू कर दी है। शिक्षक की दिनदहाड़े हत्या के बाद पुलिस ने इस्लामिक संगठनों के खिलाफ कार्रवाई का व्यापक अभियान छेड़कर तमाम जगहों पर छापेमारी कर संदिग्ध विदेशियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस बीच फ्रांस के गृहमंत्री गेराल्‍ड दरमेनिन ने कहा है कि स्‍कूली छात्रा के पिता और कुख्‍यात इस्‍लामिक उग्रवादी ने फांसीसी टीचर के हत्‍या का आह्वान किया था। गृह मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर घृणास्पद पोस्ट करने वाले 50 संगठनों के लोग फ्रांस सरकार के निशाने पर हैं। इनके ऑनलाइन पोस्ट से संबंधित 80 मामलों में जांच शुरू कर दी गई हैं। सूत्रों के बताया कि कट्टरपंथी विचारधारा के 213 विदेशी लोगों को वापस उनके देश भेजने की तैयारी हो रही है। इनमें से 150 लोग जेल में हैं। ये सभी लोग सरकार की निगरानी सूची में हैं।
टीचर पैटी की हत्या के मामले में अभी तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के रडार पर वे लोग भी हैं जिन्होंने पैटी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान चलाया था।इन लोगों ने पैटी द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की पढ़ाई कराते समय पैगंबर मुहम्मद का कार्टून दिखाए जाने को गलत माना था। न्यायिक व्यवस्था से जुड़े सूत्र के अनुसार मोरक्को में जन्मा आब्देल हाकिम सेफरूई नाम का शख्स वर्षो से सोशल मीडिया पर मुस्लिमों के पक्ष में अभियान चलाकर फ्रांस सरकार पर दबाव बनाता आ रहा है। उल्‍लेखनीय है कि साल 2011 में पेरिस के नजदीक सेंट ओयून नाम के कस्बे में एक हाईस्कूल द्वारा मुस्लिम लड़कियों के पहनावे पर रोक लगाने पर आब्देल हाकिम सेफरूई ने उसके खिलाफ अभियान छेड़ दिया था। बाद में स्कूल को अपना फैसला वापस लेना पड़ा था। आब्देल पिछले 15 वर्षों से फ्रांसीसी खुफिया एजेंसियों की निगरानी सूची में है। इस बार उस पर भी कार्रवाई हो सकती है।