नई दिल्ली । केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी और सेंट जॉन एम्बुलेंस की वार्षिक आम बैठक में आज अध्यक्ष के रूप में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए। आईआरसीएस को निरंतर प्रोत्साहन और समर्थन देने के लिए भारत के माननीय राष्ट्रपति और इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी और सेंट जॉन एम्बुलेंस (इंडिया) के अध्यक्ष रामनाथ कोविंद जी का आभार प्रकट करते हुए उन्होंने कहा, “आईआरसीएस में इस तरह की आभासी बैठक आयोजन करने का यह पहला अवसर है। वैसे, जैसा कि हम सभी जानते हैं कि यह इन दिनों हमारे जीवन का 'नया सामान्य' है। वर्तमान में जारी कोविड-19 महामारी ने हमें इस तरह से काम करने के लिए मजबूर कर दिया है। 
आईआरसीएस के अस्तित्व के 100 वर्ष पूरा होने और असंख्य लोगों के जीवन की रक्षा करने तथा लोगों के एक बड़े वर्ग के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए इस संगठन के सदस्‍यों को बधाई देते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने उनका ध्‍यान मौजूदा समय में जारी इस महामारी की ओर आकृष्‍ट किया, जिसका प्रकोप पिछले 10 महीने से जारी है। उन्होंने कहा, “लगभग हर देश इस बीमारी के प्रभाव को अपने तरीके से कम करने की जी-जान से कोशिश कर रहा है। भारत में केंद्र सरकार काफी समय पहले ही हरकत में आ गई थी और तभी से महामारी के समग्र प्रभाव को कम करने के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। 
कोविड महामारी के दौरान साहसपूर्ण नेतृत्‍व और विजन के साथ देश का संचालन करने के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी जी आभार प्रकट करते हुए उन्होंने सभी को भारत के कोरोना योद्धाओं के साहसी योगदान की याद दिलायी। उन्‍होंने कहा‍, "जैसा कि हमारे प्रधानमंत्री का कहना है कि भारत की कोविड-19 की जंग जनता द्वारा प्रेरित है और इसे हमारे कोविड योद्धाओं से अपार ताकत मिलती है। मैं इस अवसर का लाभ उठाकर देश के सभी कोरोना योद्धाओं और विशेष रूप से उनकी माताओं और परिवार के सदस्यों को सलाम करता हूं, जिन्होंने हमेशा उन्हें कोविड-19 के खिलाफ जंग की सफलता में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। हमारे सामूहिक प्रयासों ने कई लोगों के जीवन की रक्षा करने में मदद की है। हम यह सिलसिला जारी रखेंगे और इस वायरस से अपने नागरिकों की रक्षा करेंगे। इसके उपरांत डॉ. हर्षवर्धन ने उस शक्तिशाली सामाजिक वैक्सीन का उल्‍लेख किया, जो इस बीमारी की रोकथाम कर सकता है और जो कोविड के खिलाफ जन आन्दोलन का आधार है, "6 फुट की दूरी बनाए रखने, हाथों को नियमित रूप से धोने और विशेष रूप से सार्वजनिक स्‍थानों पर मास्क/फेस कवर पहनने से आजीविका के साथ-साथ जीवन की भी रक्षा हो सकती है, जो सरकार का अंतिम लक्ष्य है।