महाशिवरात्रि पर भक्त पूरे दिन और रात व्रत रखते हैं. अगले दिन सुबह वह व्रत का पारण करते हैं.

हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है महाशिवरात्रि. इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है. फाल्गुन के महीने की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है. महाशिवरात्रि के दिन लोग व्रत रखते हैं और पूरे विधि विधान से भगवान शिव की अराधना करते हैं. इस साल महाशिवरात्रि का पर्व 21 फरवरी 2020 (शुक्रवार) को मनाया जाएगा.

महाशिवरात्रि का महत्व
हिंदू पंचांग के मुताबिक, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन शिव और पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था. कहते हैं कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव पर जल चढ़ाने से वह प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं.

 

 

महाशिवरात्रि पर भक्त पूरे दिन और रात व्रत रखते हैं. अगले दिन सुबह वह व्रत का पारण करते हैं. महाशिवरात्रि पर सूर्य उत्तरायण रहते हैं और चंद्रमा कमजोर स्थिति में होते हैं. चंद्रमा मन के कारक हैं इसलिए चंद्रमा को मजबूत करने के लिए महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ का अभिषेक करना चाहिए.

महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त21 फरवरी 2020 (शुक्रवार) की शाम 05 बजकर 20 मिनट से 22 फरवरी 2020 (शनिवार) शाम 07 बजकर 2 मिनट तक.

शिवरात्रि की पूजा विधि
इस दिन सबसे पहले भगवान शंकर को पंचामृत से स्नान कराएं. इसके बाद केसर के 8 लोटे जल चढ़ाएं. भगवान शिव के सामने पूरी रात दीपक जलाएं. उन्हें चंदन का तिलक लगाएं. तीन बेलपत्र, भांग धतूर, तुलसी, जायफल, कमल गट्टे, फल, मिष्ठान, मीठा पान, इत्र दक्षिणा चढ़ाएं. सबसे बाद में केसर युक्त खीर का भोग लगा कर लोगों में प्रसाद बांटें

पूजा में सभी सामग्री चढ़ाते हुए इस मंत्र का जाप करें
नमो भगवते रूद्राय
नमः शिवाय रूद्राय् शम्भवाय् भवानीपतये नमो नमः