नवादा । भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने चुनावी सभा को संबोधित करते हुए लालू-राबड़ी शासनकाल के बारे में कहा कि एक दौर ऐसा भी था जब हमलोग बजरंगबली को याद करते थे। सीएम नीतीश कुमार ने अपने प्रयासों से इस परिस्थिति को बदल डाला। उनके कार्यकाल में लोग अमन-चैन से रह रहे हैं। नवादा में हिसुआ से प्रत्याशी अनिल सिंह के पक्ष में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए लालू के जंगलराज पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि 15 साल के जंगल राज में बिहार की परिस्थिति क्या थी, मुझसे बेहतर कोई नहीं जान सकता। भाजपा अध्यक्ष ने कहा वह एक ऐसा दौर था, जब गया से पटना लौटते समय लोग बजरंगबली को याद करते रहते थे, उनसे दुआ मांगते थे कि सही सलामत पटना पहुंच गए तो 1 किलो लड्डू चढ़ाएंगे।  उन्होंने बताया उनके पिता रांची यूनिवर्सिटी में चांसलर थे तब रांची जाने का मौका मिलता था। उसी दौरान सड़क पर निकलने का मौका मिलता था। सड़क की क्या स्थिति थी, यह बात किसी से छिपी नहीं है। जंगल राज की बात सुनाते हुए नड्डा ने कहा कि पटना के डाक बंगला चौराहा 90 के दशक में शाम को ही पूरा माहौल सुनसान हो जाता था। जब डॉक्टर सुबह घर से नाश्ता कर निकलते थे तो उन्हें यह पता नहीं होता था कि रात में घर का खाना नसीब होगा या नहीं। नड्डा ने कहा  इंजीनियर को यह मालूम नहीं होता था कि अगर ठेकेदार से हाथ नहीं मिलाएंगे तो वे रोलर के नीचे आ जाएंगा। यह पूरा बिहार जानता है जब स्वर्णिम चतुर्भुज का काम हो रहा था तब उस समय देश के ऊंचे दर्जे के तीन इंजीनियरों की हत्या कर दी गई थी। इसलिए वोट देते समय इन सभी चीजों को जनता याद रखें। नड्डा ने  लालू के उस काल को याद दिलाते हुए कहा जब बिहार में एक दलित डीएम को मार दिया गया और उसके हत्यारे खुलेआम बिहार में घूमते थे। मोहम्मद शहाबुद्दीन ने जिस पुलिस अफसर पर गोली चलाई थी वह आज के मौजूदा डीजीपी हैं और आज नीतीश सरकार के आने के बाद शहाबुद्दीन जेल में बंद है।