रायपुर । अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और सरोना स्टेशन के बीच सड़क तथा अस्पताल के गेट नंबर छह का लोकार्पण आज सांसद सुनील सोनी ने किया। सड़क और गेट के बन जाने से अब मरीजों और परिजनों को एम्स पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। करीब 250 मीटर की दूरी तय कर वे एम्स पहुंच सकेंगे। सांसद सोनी ने ई-रिक्शा के माध्यम से रोगियों को राहत प्रदान करने और डेढ़ करोड़ रुपये से स्टेशन का पुनरुद्धार करने की भी घोषणा की। सांसद सुनील सोनी ने एम्स के गेट नंबर छह का लोकार्पण करने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि अभी तक मरीजों को टाटीबंध से आने में अधिक दूरी, समय और राशि व्यय करना पड़ रहा था। अब लगभग 22 लोकल ट्रेन के माध्यम से मरीज और उनके परिजन सरोना स्टेशन पर उतरकर 250 मीटर की दूरी तय कर एम्स पहुंच सकेंगे। एम्स के गेट नंबर छह के बन जाने से भी सभी को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि स्टेशन के पुनरुद्धार के लिए लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की योजना है। इसके लिए उन्होंने रेलवे अधिकारियों से बात कर ली है। सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से स्टेशन से एम्स के बीच ई-रिक्शा चलाने का भी प्रस्ताव दिया गया है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को आने में परेशानी न हो। उन्होंने स्टेशन का नाम एम्स-सरोना करने के लिए भी प्रस्ताव दिया है जिससे बाहर के मरीजों को स्टेशन के बारे में जानकारी मिल सके। सांसद सुनील सोनी ने सड़क और गेट के निर्माण के लिए एम्स, रायपुर नगर निगम और रेलवे को सहयोग हेतु धन्यवाद दिया।
उन्होंने कोविड 19 के उपचार में एम्स के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वह निरंतर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के संपर्क में हैं। शीघ्र ही एम्स को अत्याधुनिक तकनीक की और  अधिक मशीनें मिल सकती हैं। एम्स के निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने सांसद सुनील सोनी को गेट नंबर छह का निर्माण करने का सुझाव देने और इसे मूर्त रूप देने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि ओपीडी और आईपीडी के लिए प्रतिदिन औसतन 1500 मरीज एम्स पहुंचते हैं, जिनमें बड़ी संख्या बाहर के मरीजों की होती है। स्टेशन से लिंक रोड खुल जाने के बाद अब इन मरीजों को कम खर्च और कम समय में एम्स पहुंचने में आसानी होगी। विधायक विकास उपाध्याय ने मोबाइल के माध्यम से संबोधित करते हुए इस सुविधा को मरीजों और उनके परिजनों के लिए लाभदायक बताया।
इस अवसर पर पार्षद सुनील चंद्राकर, राजेश सिंह ठाकुर, एम्स के उप-निदेशक (प्रशासन) अंशुमान गुप्ता, वित्त सलाहकार बी.के. अग्रवाल, डीन प्रो. एस.पी. धनेरिया, प्रो. प्रदीप कुमार पात्रा, अधिशासी अभियंता मनोज रस्तोगी सहित एम्स के चिकित्सक और स्थानीय निवासी उपस्थित थे।