गुना । कोविद-19 के दौरान इस वर्ष का नवरात्रि महोत्सव विशेष रूप से ऐतिहासिक महत्व रहा। पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष पांडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना में कुछ हद तक कमी आई है, लेकिन भक्तों के उत्साह एवं श्रद्धा में वृद्धि हुई है। विराट हिन्दू उत्सव, चिंतन मंच के संयोजक कैलाश मंथन के मुताबिक कोरोना काल के चलते अंचल के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में करीब तीन हजार से अधिक स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित किए जाने के समाचार प्राप्त हुए हैं। जबकि पिछले वर्ष पांच हजार से अधिक स्थानों पर मां दुर्गा की झांकियां सजाई गई थीं। कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष संपूर्ण सनातन समाज में विशेष श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मां शक्ति की आराधना कर इस महामारी से निजात पाने की प्रार्थना की जा रही है। इस मौके पर झांकी स्थलों, मंदिरों एवं घरों में शुभ मुहुर्त के साथ घट स्थापना संपन्न हुई। इस दौरान माता की अखंड ज्योति प्रज्जवलित की गई। विराट हिन्दू उत्सव समिति के तहत चिंतन हाउस में विधि विधान के साथ मां शक्ति की स्थापना कार्यक्रम का संपन्न हुआ। जिले के दूरस्थ एवं जंगली इलाकों में भी नवरात्रि महोत्सव के तहत मां दुर्गा के पांडाल स्थापित हुए हंै। आदिवासी एवं जंगली क्षेत्रों में स्थित ग्रामों में दो से पांच प्रतिमाएं स्थापित की गई है। गुना शहर में करीब 150, बीनागंज, चांचौड़ा, राघौगढ़, आरोन, म्याना, कुंभराज, मधुसूदनगढ़, बमोरी, फतेहगढ़ सहित अन्य ग्रामों, कस्बों में 250 से ज्यादा प्रतिमाएं स्थापित हुई हैं। हिउस प्रमुख कैलाश मंथन के मुताबिक मां दुर्गा शक्ति की उपासना का पर्व उत्साह से मनाया जा रहा है। गुना क्षेत्र के तहत कैंट, गुलाबगंज, रेलवे स्टेशन, श्रीराम कॉलोनी, भुल्लनपुरा, बूढ़े बालाजी, पुरानी छावनी, पठार मोहल्ला, सकतपुर, नानाखेड़ी, पिपरौदा, बायपास, चिंताहरण, गोपालपुरा, पाटई, ऊमरी, बजरंगगढ़, गुना ग्रामीण क्षेत्रों में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाएं लगाई गई हैं।
ध्यान वाली बात यह है कि कोविद-19 की गाईडलाईन के अनुसार कड़े नियमों के चलते रात्रि 10 बजे के बाद पांडालों को बंद कर दिया जाएगा। जबकि रात्रि 10 बजे से ही दुर्गा महोत्सव की रौनक चरम पर पहुंचती है। वहीं पंचमी से लेकर अष्टमी तक मां की झांकियां देखने लाखों लोगों का सैलाब उमड़ता है। हिउस प्रमुख कैलाश मंथन के मुताबिक शक्तिपीठों निहालदेवी एवं बीस भुजा भवानी एवं शहरी क्षेत्रों में रात्रि में 9 दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन करने उमड़ते हैं। इस वर्ष कोरोना के चलते श्रद्धालुओं की उमडऩे वाली भीड़ में कमी आने की संभावना है।
नवमीं एवं दशमी को पार्वती, सिंध पर विशेष सुरक्षा की मांग
नवमी एवं दशमी पर दुर्गा विसर्जन हेतु अधिकांश लोग अंचल की नदियों पर पहुंचते हैं। हिउस प्रमुख कैलाश मंथन ने कहा कि पूर्व में अनेकों बार नदियों एवं पानी के स्त्रोतों पर लोगों की डूबने से मौत के बावजूद प्रशासन सुरक्षा प्रदान करने में नाकाम रहता है। इस वर्ष बड़ी संख्या में मूर्तियां विसर्जित होगी। इस हेतु पूर्व में व्यवस्था के तहत विसर्जन कुंड भी बनाए जा सकते हैं।
-प्रथम नौ झांकियों को किया जाएगा चिंतन शील्ड्स से पुरस्कृत
विराट हिन्दू उत्सव समिति द्वारा नवरात्रि एवं दशहरा महोत्सव के दौरान सक्रिय झांकी समितियों, समाजसेवी-धार्मिक संस्थाओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। हिउस प्रमुख कैलाश मंथन ने बताया कि सर्वश्रेष्ठ नौ झांकियां को चिंतन पुरस्कार से नवाजा जाएगा। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में झांकियों को विशेष सम्मान दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 1980 से नवदुर्गा महोत्सव शहर का सबसे बड़ा महोत्सव बन चुका है। चिंतन मंच के तहत सर्वश्रेष्ठ झांकियों को चिंतन शील्ड प्रदान की जाती है।