वाशिंगटन. अमेरिका के पूर्व सर्जन जनरल विवेक मूर्ति समेत (Vivek Murthy) दो प्रमुख भारतीय-अमेरिकियों को अगले बाइडन-हैरिस (Jo Biden) प्रशासन की कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है. मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. 'द वाशिंगटन पोस्ट' और 'पॉलिटिको' ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 से निपटने को लेकर निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के शीर्ष भारतीय-अमेरिकी सलाहकार मूर्ति स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्री बनाए जा सकते हैं और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अरुण मजूमदार (Arun Majumdar) को ऊर्जा मंत्री बनाया जा सकता है.

विवेक मूर्ति सत्ता हस्तांतरण के कोविड-19 सलाहकार बोर्ड के सह अध्यक्ष हैं. वह कोरोना वायरस संबंधी मामलों को लेकर बाइडन के निकट सहयोगी रहे हैं. खबरों में में कहा गया है कि इसी प्रकार, ‘एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी-एनर्जी’ के पहले निदेशक मजूमदार ऊर्जा संबंधी मामलों पर बाइडन के शीर्ष सलाहकार रहे हैं. मजूमदार के अलावा ऊर्जा मंत्री पद के लिए पूर्व ऊर्जा मंत्री अर्नेस्ट मोनिज, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधार्थी डैन रीचर और पूर्व उप ऊर्जा मंत्री एलिजाबेथ शेरवुड रैंडल भी दावेदार हैं. स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्री पद के लिए मूर्ति के अलावा उत्तरी कैरोलाइना की स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्री मैंडी कोहेन और न्यू मैक्सिको की गवर्नर मिशेल लुजान ग्रीशम को भी दावेदार माना जा रहा है.

बाइडन की ATR टीम में 20 भारतवंशी
बता दें कि बाइडन ने 20 से अधिक भारतवंशियों को अपनी एजेंसी रिव्यू टीम (ART) में शामिल किया है. इनमें से तीन भारतवंशी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं. यह टीम प्रमुख संघीय एजेंसियों की मौजूदा प्रशासन में कार्यप्रणाली की समीक्षा करेगी ताकि सत्ता का हस्तांतरण सुचारु रूप से सुनिश्चित किया जा सके. बाइडन की हस्तांतरण टीम ने कहा कि अब तक के राष्ट्रपति हस्तांतरण टीम के इतिहास में यह टीम सबसे अधिक विविधता लिए हुए है. अमेरिका में सत्ता हस्तांतरण के लिए बनाई गई आर्ट टीम में सैकड़ों सदस्य हैं जिनमें से आधी से अधिक महिलाएं हैं. 40 प्रतिशत उन समुदायों से हैं जिनका संघीय सरकार में ऐतिहासिक रूप से कम प्रतिनिधित्व रहा है. इनमें गैर श्वेत, एलजीबीटी और विकलांग शामिल हैं. इस टीम में राहुल गुप्ता राष्ट्रीय औषधि नियंत्रण नीति के मामले में नेतृत्व कर रहे हैं. किरण आहूजा को कार्मिक प्रबंधन को लेकर बनी टीम की कमान सौंपी गई है. पुनीत तलवार को विदेश विभाग से जुड़ी टीम में जगह दी गई है. पाव सिंह को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की टीम में नामित किया गया है.