नई दिल्ली । लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद) ने कहा कि इसके संस्थापक शरद यादव बिहार में विपक्षी गठबंधन को सत्ता में लाने के लिए काम करेंगे। पार्टी ने बिहार के मुख्यमंत्री एवं जनता दल (यूनाइटेड) प्रमुख नीतीश कुमार से उनके हाथ मिलाने के बारे में अटकलों को ‘अफवाह’ बताते हुए खारिज कर दिया और इसे पूरी तरह से झूठा एवं बेबुनियाद बताया।
लोजद ने एक बयान में कहा कि पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव में धर्मनिरपेक्ष ताकतों के बीच और अधिक एकजुटता लाने के लिये काम करेगी। पार्टी के पदाधिकारियों की यहां एक बैठक हुई जिसमें गायक एस पी बालासुब्रह्मण्यम और पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। पार्टी संरक्षक शरद यादव फिलहाल बीमार हैं। बयान के मुताबिक, लोजद केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना करती है। साथ ही, इसमें यह भी कहा गया कि पार्टी इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की क्षमता पर एक गंभीर हमले के रूप में देखती है। संसद द्वारा पारित तीन कृषि विधेयकों के संदर्भ में यह कहा गया है।
दरअसल, चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव तीन चरणों में कराने की घोषणा की है। मतदान 28 अक्टूबर, तीन नवंबर और सात नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 10 नवंबर को होगी। बता दें कि कोविड-19 महामारी के दौरान यह विश्व में सर्वाधिक व्यापक स्तर पर चुनाव होने जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को बिहार के युवाओं और रोजगार के मुद्दे को लेकर बड़ा ऐलान किया है। पटना में प्रेस से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा है कि अगर उनकी सरकार बनी तो सबसे पहले कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने की घोषणा करेंगे।