जबलपुर। भले ही राज्य सरकार ने आगामी १५ नवंबर तक स्कूल और कालेज खोलने पर रोक लगा रखी है पर बारहवीं कक्षा में उत्त्तीर्ण होने वालों पढ़ाई का उत्साह उफान मार रहा है। कालेज में दाखिला लेने में 
लडकियां फिर आगे हैं। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के निजी और सरकारी कालेजों में यूजी-पीजी कोर्सों के लिए कराई जा रही काउंसिंलिग में इस वर्ष भी लड़कों की अपेक्षा ३३ हजार लड़कियों ने एडमिशन लिया है। यूजी-पीजी की करीब १० लाख सीटों में एक रूटीन राउंड व दो सीएलसी के राउंड खत्म होने तक ३.५० लाख एडमिशन हुए हैं। इसमें से १.९१ लाख लड़कियों तथा १.५८ लाख लड़कों ने एडमिशन लिए हैं। पिछले वर्ष अंतिम राउंड तक ५.६२ लाख एडमिशन हुए थे। गत वर्ष भी यूजी-पीजी में छात्राओं ने छात्रों से ज्यादा एडमिशन लिए थे। इसमें २.४६ लाख छात्राओं व २.१६ लाख छात्रों ने एडमिशन लिया था। १०वीं और १२वीं की परीक्षाओं में छात्राओं के पास होने का प्रतिशत छात्रों की अपेक्षा अधिक रहा है। यूजी-पीजी के एडमिशन में भी छात्राओं ने इस अंतर को बरकरार रखा है। छात्राएं यूजी और पीजी में छात्रों से आगे बढ़कर एडमिशन ले रही हैं। यहां तक कि उनके उत्तीर्ण अंक छात्रों से ज्यादा रहे हैं, जिसके कारण को-एड कालेजों में भी उनके एडमिशन प्राथमिकता से हुए हैं। हालांकि अभी कुल एडमिशन का आंकड़ा पिछले वर्ष काफी कम है। पिछले साल ५.६२ लाख विद्यार्थियों ने लिया एडमिशन सत्र २०१९-२० के लिए आनलाइन एडमिशन प्रक्रिया में उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार यूजी व पीजी कोर्सों में पिछले साल ५,६२,००० एडमिशन हुए हैं। इसमें बीएए बीएससीए बीकॉम, बीसी, आदि कोर्सों में ३,७४,००० छात्र-छात्राओं ने एडमिशन लिया है। वहीं एमए, एमएससी, एमकॉम आदि में ८९,००० एडमिशन हुए हैं।
समाज की मानसिकता बदल रही......
आज भी समाज में लड़के व लड़कियों में फर्क करने की मानसिकता में उतनी कमी नहीं आई है। मध्यम व निम्न वर्ग में यदि मानसिकता बदल भी गई, तो उनके समक्ष बजट का संकट आ जाता है। लड़कियों को यदि स्कालरशिप से एडमिशन मिल भी जाए तो उनको बाहर भेजने में एक डर के साथ अन्य खर्चों की समस्या सामने आ जाती है। ऐसी स्थिति में वे लड़कों को इंजीनियिंरग, मेडिकल, फार्मेसी में एडमिशन कराते हैं। इसलिए बीए, बीएससी, बीकॉम में लड़कियों के एडमिशन की संख्या अधिक रहती है। हालांकि अब सभी वर्गों में धीरे-धीरे मानसिकता बदल रही है और सभी क्षेत्रों में अंतर कम हो रहा है।