पंजाब में कर्फ्यू के मद्देनजर सरकार ने विद्यार्थियों को उनके घरों में सीलबंद पैकेटों के रूप में मिड-डे-मील का अनाज मुहैया करवाने का फ़ैसला किया है। शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने बताया कि अनाज के अलावा शिक्षा विभाग द्वारा मिड-डे-मील का खाना पकाने की लागत भी स्कूली विद्यार्थियों के बैंक खातों में डाली जाएगी। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को पहले ही यह प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं क्योंकि खाना पकाने की लागत और अनाज का वितरण पहले ही जिलों में किया जा चुका है।
सिंगला ने बताया कि अनाज की मात्रा और खाना पकाने की लागत पहले ही निर्धारित कर दी गई है और लाभपात्रियों को 23 मार्च से 15 अप्रैल तक मिड-डे-मील संबंधी लाभ मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि प्राइमरी विद्यार्थियों के लिए खाना पकाने की प्रतिदिन प्रति बच्चा लागत 4.48 रुपये निर्धारित की गई है और 100 ग्राम गेहूं और चावल प्रति बच्चा प्रतिदिन दिए जाएंगे। जबकि उच्च प्राइमरी विद्यार्थियों के लिए खाना पकाने की लागत 6.71 रुपये प्रतिदिन रखी गई है और 150 ग्राम अनाज दिया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री ने सभी स्कूलों के प्रबंधकों को हिदायत दी कि वह कर्फ्यू की समय सीमा के दौरान सरकार की हिदायतों की पालना करें और दाख़िले और अन्य फ़ीसों की अंतिम तिथि कम से कम एक महीने के लिए आगे बढ़ा दी जाए। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों को भी निर्देश दिए गए हैं कि कर्फ्यू के दौरान फीस जमा न करवा पाने वाले मां-बाप से कोई लेट फीस न वसूली जाए। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान कोई भी स्कूल मां-बाप को ऑनलाइन या किसी अन्य तरीके से फीस जमा करवाने के लिए मजबूर नहीं करेगा।

उन्होंने आगे कहा कि इस संबंध में दिशा-निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए हैं और यदि कोई स्कूल इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।