बिलासपुर । तत्कालीन रमन सरकार में प्रशासनिक आतंकवाद का शिकार होने का आरोप लगाने वाले अग्रवाल बन्धुओ को वर्तमान भूपेश सरकार में न्याय की उम्मीद जगी है न्यायालय के आदेश के बाद शिकारी खुद शिकार की कतार में आ गया माना जा रहा है 6 साल बाद जल संसाधन विभाग के तत्कालीन ईई आलोक अग्रवाल के ठिकानों पर एसीबी की छापेमारी करने वालो से क्रमवार पूछताछ शुरू कर दी गई है ईई आलोक के भाई पवन अग्रवाल के परिवाद पर कोर्ट ने हफ्तेभर पहले एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे, जिस पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद की जाने वाली जांच कार्यवाही के तारतम्य में दो पुलिस अफसरों से बयान के बाद गुरुवार को दस्तावेज जब्ती करने सिविल लाइन पुलिस राजधानी कूच कर गई है
मिली जानकारी के अनुसार सिविल लाईन पुलिस द्वारा मामले में शिकायतकर्ता पवन अग्रवाल और पूर्व विवेचक डीएसपी अशोक जोशी वर्तमान पदस्थापना पीएचक्यू डीएसपी सीआईडी व सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर लॉरेंस से पूछताछ की गई है बिलासपुर के सिविल लाइन थाने में दर्ज एफआईआर में आईपीसी की धारा 120 बी, 166, 167, 213, 218, 380, 382,409, 420, 467, 468, 471, 472 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ अपराध कायम किया गया है तत्पश्चात सिविल लाईन पुलिस एक्शन मोड में है ।