कोरोना संक्रमण से बचाव और नियंत्रण के लिए जारी गाइडलाइन का पालन कराने सूरजपुर पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी खुद कोरोना संक्रमित होते जा रहे हैं। अभी तक एक दर्जन से अधिक पुलिस अधिकारी, कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित होने और उनके संपर्क में आए पुलिसकर्मियों के होम आइसोलेट हो जाने से सूरजपुर पुलिस को बल की उपलब्धता के लिए जोर लगाना पड़ रहा है। सूरजपुर भटगांव थाना और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाद कोरोना की दस्तक पुलिस अधीक्षक कार्यालय और प्रतापपुर थाने तक हो चुकी है, ऐसे में शांति सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रख कोविड केयर सेंटरों में सुरक्षा व्यवस्था की कमान खुद पुलिस अधीक्षक राजेश कुकरेजा ने संभाल रखी है।

हर रोज वे पुलिस लाइन में पदस्थ अधिकारी, कर्मचारियों की संख्या के अनुरूप उनकी ड्यूटी आवश्यकता के अनुरूप लगा रहे हैं। सूरजपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और उनके परिवार के सदस्य कुछ दिन पहले कोरोना संक्रमित पाए गए थे। उसी दौर में सूरजपुर थाने में पदस्थ एक उपनिरीक्षक, एक सहायक उपनिरीक्षक सहित दो आरक्षक कोरोना संक्रमित पाए गए। इनके संपर्क में आए लोगों को भी होम आइसोलेट करना पड़ा, इससे सूरजपुर थाने में बल की कमी हुई।

बाद में भटगांव थाना प्रभारी भी कोरोना संक्रमित पाए गए, उनके संपर्क में भी थाने में पदस्थ पुलिस कर्मी आए थे। उन्हें भी हो आइसोलेशन की अनुमति दी गई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ कुछ पुलिसकर्मियों के भी कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद कार्यालय को सेनीटाइज कराना पड़ा।इन तमाम परिस्थितियों के बीच सूरजपुर पुलिस दायित्वों के निर्वहन में लगी रही। रविवार को प्रतापपुर थाना प्रभारी और एक आरक्षक भी कोरोना संक्रमित पाए गए, इनके संपर्क में भी कुछ पुलिसकर्मी आए थे। उन्हें भी होम आइसोलेट किया गया।

लगातार पुलिस अधिकारी कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के कारण सूरजपुर जिले में बल की कमी होने लगी है। संकट की इस घड़ी में भी पुलिस की ओर से कोई कमी नहीं रखने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक राजेश कुकरेजा ने बताया कि कई पुलिस अधिकारी, कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं इसलिए वे हर रोज जिले में उपलब्ध बल की समीक्षा कर रहे हैं। थाना और चौकी में कामकाज प्रभावित ना हो इसका भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि सूरजपुर जिले के कोविड अस्पताल, कोविड केयर सेंटर, आइशोलेसन सेंटर के अलावा जहां-जहां भी बल तैनात किया जाता था वहां अभी भी पुलिस अधिकारी कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि पुलिस अधिकारी कर्मचारियों की कमी के बावजूद पुलिस का कामकाज प्रभावित ना हो।